कपाट खुलने से पहले ही चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण 6 लाख पार 

चारधाम यात्रा में गैर सनातनियों के प्रवेश पर लगी रोक 
अब श्रद्धालु चारधाम परिसर में वीडियों नहीं बना सकेंगे, लगाई रोक 
देहरादून। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा अभी शुरू भी नहीं हुई और श्रद्धालुओं का उत्साह पहले ही रिकॉर्ड तोड़ने लगा है। 16 मार्च तक यात्रा पंजीकरण का आंकड़ा 6 लाख 17 हज़ार 853 को पार कर चुका है और यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने यात्रा की तैयारियों का पूरा खाका मीडिया के समक्ष रखा ।
इस बार चारों धामों के कपाट अप्रैल के तीसरे हफ़्ते में खुलेंगे। श्री यमुनोत्री और श्री गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया यानी 19 अप्रैल को खुलेंगे। श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल  को और श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बीकेटीसी की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सरल और सुगम दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराना है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा पूर्व की तैयारियाँ समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं, ताकि कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। पंजीकरण के आंकड़े बताते हैं कि इस बार चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु उमड़ सकते हैं। ऐसे में समिति की यह तैयारी न केवल ज़रूरी है, बल्कि समय की मांग भी है। 6 मार्च से 16 मार्च के बीच महज़ दस दिनों में जितनी संख्या में श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, वह इस यात्रा वर्ष की लोकप्रियता का अंदाज़ा देता है।  कुल मिलाकर 16 मार्च तक 6,17,853 तीर्थयात्री पंजीकरण करा चुके हैं। समिति को उम्मीद है कि यात्रा काल के दौरान यह संख्या पिछले सभी वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ेगी।
पंजीकरण के आंकड़े बोल रहे हैं अपनी कहानी
श्री केदारनाथ- 2,06,622 पंजीकरण
श्री बदरीनाथ- 1,82,212 पंजीकरण
श्री गंगोत्री – 1,15,763 पंजीकरण
श्री यमुनोत्री- 1,13,256 पंजीकरण
शीतकाल में भी ठंडा नहीं पड़ा श्रद्धा का सैलाब
धाम के कपाट बंद हो जाते हैं, लेकिन आस्था का प्रवाह नहीं रुकता। शीतकालीन यात्रा वर्ष 2025-26 में 16 मार्च 2026 तक 51 हज़ार से अधिक श्रद्धालुओं ने शीतकालीन पूजा स्थलों पर दर्शन किए। श्री बदरीनाथ के शीतकालीन पूजा स्थलों श्री योग बदरी पांडुकेश्वर और श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ कृ में 20,054 भक्त पहुंचे। वहीं भगवान केदारनाथ और द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर की शीतकालीन गद्दी श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में दर्शन करने वालों की संख्या 31,736 रही।
121 करोड़ से अधिक का बजट, तैयारी बड़े पैमाने पर
बीकेटीसी ने यात्रा वर्ष 2026-27 के लिए 1,21,07,99,501 का बजट पारित किया है। जिसमें श्री बदरीनाथ धाम के लिए 57,47,39,601 रुपये, श्री केदारनाथ धाम के लिए 63,60,59,900 रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। हेमंत द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में केदारनाथ पुनर्निर्माण के बाद अब बदरीनाथ का पुनर्निर्माण कार्य पूरी तेज़ी से चल रहा है।
क्या बदलेगा इस बार धाम में?
इस यात्रा वर्ष श्रद्धालुओं को कई नई व्यवस्थाओं और बदलावों का सामना करना पड़ेगा। गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक का प्रस्ताव 10 मार्च को हुई बैठक में श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है। यह प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है। मोबाइल और फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लगाया गया है। धाम परिसर में निर्धारित दूरी तक मोबाइल फ़ोन प्रतिबंधित रहेंगे। रील बनाना, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर सख्त रोक लगाई जाएगी, ताकि धार्मिक वातावरण की पवित्रता बनी रहे। तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष में पुरोहितों के हितों को ध्यान में रखते हुए तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष की स्थापना का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह अपने आप में एक ऐतिहासिक कदम है। ऋषिकेश में ट्रांज़िट कैंप में यात्रियों की सुविधा के लिए ऋषिकेश में मंदिर समिति का शिविर कार्यालय खोला जाएगा, जहाँ यात्रा से संबंधित जानकारी और सहायता मिलेगी। बुनियादी सुधार के लिए मंदिर परिसर, दर्शन पंक्ति की रेलिंग की मरम्मत, रंग-रोगन, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, स्वच्छता और विश्राम गृहों में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। ऑनलाइन पूजा व्यवस्था और मंदिर समिति की वेबसाइट को भी अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया जा रहा है।

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