चमोली परवाड़ी में एक माह में ही सड़क से उखड़ने लगा डामर
गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन की दी चेतावनी
चमोली। सरकार एक ओर जहां ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण क्षेत्र को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए तमाम योजनाएं स्वीकृत कर आमजन को लाभ देने की कोशिश कर रही है। वहीं संबंधित विभाग कार्यों में लापरवाही कर सरकार की मनसा पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं। ऐसा ही मामला भराडीसैंण के नजदीकी गांव परवाडी को जोड़ने के लिए बनाई गई सड़क निर्माण में देखने को मिल रहा है, यहां तीन माह पूर्व में ही सड़क पर किया गया डामरीकरण उखड़ने लगा है। जिससे ग्रामीणों में भारी रोष दिखाई दे रही है और मामले को लेकर ग्रामीण विधानसभा सत्र के दौरान निर्माणदायी संस्था के खिलाफ प्रदर्शन की बात कर रहे हैं।
दरअसल, विधानसभा के मुख्य परिसर के नजदीकी बाजार भराडीसैंण से परवाड़ी गांव को जोड़ने के लिए सरकार ने 10 किलोमीटर की सड़क स्वीकृत कर, जिसके लिए लगभग 10 करोड़ की धनराशि भी खर्च की गई है। लेकिन सड़क पर किया गया डामरीकरण एक माह भर भी नहीं टिक पाया। दरअसल डामरीकरण की घटिया गुणवत्ता के चलते डामर उखड़ गया है, जिससे इस मार्ग पर चलने वाले वाहनों के रपटने का खतरा बढ़ गया है। विधानसभा भवन समेत पूरे परिसर के निर्माण के लिए परवाड़ी गांव के लोगों ने ही अपना चारागाह दिया था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परवाड़ी के नजदीकी सारकोट गांव को गोद लेकर मुख्यमंत्री आदर्श गांव बनाने की कवायद शुरू की जिसके तहत यहां स्वच्छता अभियान से लेकर शौचालय निर्माण,गांव के सभी घरों को एक समान रंग-रोगन कर संवारने का काम किया। इसके साथ ही गांव में सोलर लाइटों की व्यवस्था समेत ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने के लिए भी कई योजनाएं शुरू की गयी। इस बीच सारकोट गांव के साथ ही परवाड़ी को भी सड़क सुविधा से जोड़ने की योजना धरातल पर उतारी गयी। लेकिन घटिया डामर गुणवत्ता के चलते लोगों को सुविधा का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिसको लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। जिला पंचायत सदस्य व परवाड़ी गांव निवासी कामेश्वरी देवी ने कहा कि अगर जल्द रोड का सुधारीकरण नहीं किया गया व लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आगामी बजट सत्र के दौरान ग्रामीणों को प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ेगा।