नई नियुक्तियों में केंद्रीय पे स्‍केल लागू करने पर HC पहुंचा मामला, पंजाब सरकार को नोटिस जारी

चंडीगढ़। 2020 के बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को पंजाब के छठे वेतन आयोग का लाभ देने के स्थान पर केंद्र का 7वां वेतन आयोग लागू करने को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

नियुक्‍त कर्मचारियो पर जबरन थोपी जा रही व्‍यवस्‍था

याचिका दाखिल करते हुए धर्मजीत सिंह व 440 अन्य ने हाईकोर्ट को बताया कि वे पंजाब के विभिन्न विभागों में नियुक्त हुए थे। उनको नियुक्ति के बाद पंजाब के छठे वेतन आयोग का लाभ देने के स्थान पर केंद्र के 7वें वेतन आयोग का लाभ दिया जा रहा है।

जुलाई 2020 के बाद नियुक्त कर्मचारियों पर यह व्यवस्था जबरन थोपी जा रही है। याची ने बताया कि केंद्र के 7वें वेतन आयोग से पंजाब का छठा वेतन आयोग ज्यादा फायदेमंद है।

नई व्‍यवस्‍था के कारण कर्मचारियों के वेतन में बड़ा अंतर

पंजाब सरकार की नई व्यवस्था के कारण कर्मचारियों के वेतन में बड़ा अंतर आ जाएगा। याची ने कहा कि एक ही वरिष्ठता सूची में मौजूद दो लोगों को अलग-अलग पे स्केल का लाभ कैसे दिया जा सकता है। याची ने कहा कि जुलाई 2020 के बाद की नियुक्तियों में भर्ती होने वालों के साथ यह सीधे तौर पर भेदभाव है।

याचिका में इसे रद्द करने की और पुरानी व्यवस्था को बहाल करने का निर्देश जारी करने की अपील की गई है। याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

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