होली मिलन समारोह में कांग्रेस ने दिखाई एकजुटता

होली मिलन समारोह में कांग्रेस ने दिखाई एकजुटता
टॉप फाइव लीडर्स एक की पोशाक में आए नजर 
देहरादून। भले ही रंगों का त्योहार होली को अभी एक हफ्ता बाकी हो, लेकिन देशभर में होली पर्व की धूम मच गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेश कांग्रेस के टॉप लीडर्स शामिल रहे। खास बात ये रही कि इस होली मिलन समारोह में कांग्रेस के टॉप फाइव लीडर्स एक ही पोशाक में नजर आए।
दरअसल, उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों और खासकर जनजाति के लोग जो पोशाक यानी श्दोका पोशाकश् पहनते हैं, उन्हीं पोशाक को पहने हुए प्रदेश कांग्रेस के यह टॉप लीडर्स नजर आए। एक ही तरह की पोशाक पहन कर कांग्रेस नेताओं ने एकजुटता का बड़ा संदेश देने का काम किया।
बता दें कि उत्तराखंड में अगले साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसके मद्देनजर प्रदेश की दोनों मुख्य पार्टियों कांग्रेस और बीजेपी दमखम से तैयारियों में जुटी हुई हैं। ताकि, आगामी विधानसभा चुनाव को जीतकर सत्ता पर काबिज हो सकें। उससे पहले ही कांग्रेस खुद को मजबूत करने के साथ ही सभी टॉप लीडर्स को एक जुट कर आगे की रणनीतियां बनाने की कवायद में जुटी हुई है।
ऐसा ही एक नजारा होली मिलन समारोह में देखने को मिला। जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत एक ही पोशाक में होली खेलते नजर आए।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने दोका पोशाक पर कहा कि जो वस्त्र उन्होंने पहन रखे हैं, वो पोशाक जनजाति के लोग पहनते हैं। ऐसे में वो चाहते थे कि होली मिलन समारोह में प्रदेश के सभी रंगों को शामिल किया जाए।
क्योंकि, कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के जनजाति लोगों के साथ ही हिंदू, मुस्लिम, सिख समुदाय के लोग भी मौजूद हैं। होली का पर्व भाई चारे का त्यौहार है, ऐसे में हिंदुस्तान को आपसी प्रेम की सबसे ज्यादा जरूरत है। यही वजह है की होली पर के दौरान जो भी भजन बजाते हैं, उसमें देवी देवताओं की स्तुति की जाती है।
प्रदेश कांग्रेस के टॉप लीडर्स को ये दोका पोशाक प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की ओर से दी गई है। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने पोशाक पहने इन पांचों नेताओं को श्पंच पांडवश् की संज्ञा दी है। जिस पर गोदियाल ने कहा कि उन्होंने जो संदेश दिया है, वो अच्छी बात है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *