कांवड़ मेले का हुआ आगाज़, शिवमय हुई धर्मनगरी हरिद्वार
प्रशासन के 5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद
उत्तराखण्ड पुलिस ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था की चाक चौबंद
हरिद्वार। सावन महीने के शुभारंभ के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार में गुरुवार से कांवड़ मेले की विधिवत शुरुआत हो गई है। बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं और अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो रहे हैं। शासन प्रशासन ने कांवड़ मेले की सुरक्षा की पूरी तैयारी कर की है। चूंकि इस बार अनुमान है कि कांवड़ मेले में आने वाले कांवड़ियों का आंकड़ा 5 करोड़ तक पहुंच सकता है, इसलिए कांवड़ मार्ग पर पेयजल और शौचालय की बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके साथ ही हरिद्वार जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ियों में आज से 11 अगस्त तक छुट्टियां हो गई हैं। हालांकि ऑनलाइन पढ़ाई होगी।
पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में बांटकर अधिकारियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा की दृष्टि से 6000 पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ ही 13 कंपनी पैरामिलेट्री फोर्स और पीएसी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। डॉग स्क्वॉयड और बीडीएस की टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। मेले की शुरुआत में पैदल कावड़ियों का आवागमन हो रहा है। महाशिवरात्रि के नजदीक आते ही डाक कांवड़ की शुरुआत भी हो जाएगी। इसलिए लाखों वाहनों के लिए कई अस्थाई पार्किंग बनाई गई हैं। साथ ही बृहद ट्रैफिक प्लान भी लागू किया गया है।
कांवड़ मेले की शुरुआत से कांवड़ पटरी को सुचारू कर दिया गया। पहले दिन बोल बम, हर हर महादेव के उद्घोष के साथ कांवड़िए गंगाजल भरकर हरकी पैड़ी से अपने गंतव्यों को रवाना हो रहे हैं। वहीं बड़ी कांवड़ लेकर आने वाले कांवड़िए हाईवे के किनारे से गुजरते नजर आए। अभी शुरुआत में पैदल कांवड़ियों के दल हरिद्वार पहुंच रहे हैं। महाशिवरात्रि के पर्व के नजदीक आते ही डाक कांवड़ की शुरुआत होगी। उत्तराखंड के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने बताया कि हमारी सरकार ने कांवड़ मेले की पूरी तैयारी कर ली है। कांवड़ मेले की शुरुआत होते ही कांवड़ियों का भी आगमन शुरू हो गया है। अतिथि देवो भवरू की भावना से देवभूमि उत्तराखंड, सभी कांवड़ियों के स्वागत के लिए तैयार है। सरकार का पूरा प्रयास है कि इस बार की कांवड़ यात्रा भी सरल, सुगम और सुरक्षित हो। सभी शिवभक्तों को उनके गंतव्यों तक सुरक्षित पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है।
कांवड़ मेले को लेकर साधु संत भी उत्साहित हैं। साधु संतों ने सरकार द्वारा कांवड़ मेले के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने बताया कि मुख्यमंत्री के माध्यम से शासन प्रशासन ने अच्छी व्यवस्थाएं की हैं। साधु संत इस बार व्यसन मुक्त मेले की अपेक्षाएं रख रहे हैं। कांवड़िए भी भगवान शिव का ही रूप हैं, इसलिए मेले में किसी प्रकार का नशा न करें। डीजे जैसे अत्यंत ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग न करें, जिससे किसी को परेशानी हो। हर बार छोटी-छोटी बातों के लेकर कांवड़ मेले में विवाद हो जाता है। कई बार बात मारपीट तक पहुंच जाती है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के साथ ही आईजी ने ऐसे मामलों को लेकर सतर्क रहने को कहा है। एडीजी एलओ वी मुरुगेशन ने चारधाम यात्रा के दौरान कांवड़ यात्रा को एक चौलेंज बताया।
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने समस्त पुलिस बल को मेले में असमाजिक तत्वों के प्रति बेहद सचेत रहकर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली आशंकाओं, डीजे में भड़काऊ गाने चलने अथवा सोशल मीडिया में अचानक किसी छोटी घटना को बड़ा रूप दे देने जैसी घटनाओं पर बेहद सतर्क दृष्टि रखने को कहा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों से समन्वय स्थापित करने को भी महत्वपूर्ण बताया। आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे ने पिछले कांवड़ मेलों से जुड़े अपने अनुभवों को साझा करते हुए पुलिस बल को आसपास की सभी घटनाओं पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने एवं ट्रैफिक प्लान को सुव्यवस्थित तरीके से लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हरकी पैड़ी पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है।
सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने वाले रहें सावधान
हाल के दिनों में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और इंटरनेट के माध्यम से अफवाह फैलाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। पुलिस का मानना है कि कांवड़ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान भ्रामक संदेश, फर्जी न्यूज और फर्जी वीडियो कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं। ऐसे में साइबर कमांडो की विशेष टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रखेगी। किसी भी आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट को तुरंत चिन्हित कर उसे हटाया दिया जाएगा। संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। सभी कमांडो मेला कंट्रोल रूम में बने साइबर सेल में तैनात होंगे और साइबर पुलिस इनकी सहायता करेगी।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों को नो एंट्री
इस बार सबसे बड़ी व्यवस्था दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी एक्सप्रेसवे को लेकर बनाई गई है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी कांवड़िये को इस एक्सप्रेसवे पर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस ने संयुक्त रणनीति तैयार की है। भगवानपुर बॉर्डर से ही श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा, ताकि एक्सप्रेसवे केवल सामान्य वाहनों, एम्बुलेंस, दमकल और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए खुला रहे। प्रशासन का मानना है कि यदि एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई तो दिल्ली और देहरादून के बीच बनने वाला तेज यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा, जिससे देहरादून में भारी भीड़ हो जाएगी। इसका असर देहरादून की जनता पर पड़ेगा। इसलिए सीमा से ही निगरानी बढ़ाई जाएगी और हर प्रवेश बिंदु पर पुलिस बल तैनात रहेगा। सामान्य यातायात के लिए एक्सप्रेसवे खुला रहेगा।
कांवड़ मेले के लिए रेलवे की विशेष व्यवस्था
रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव ने बताया कि कांवड़ मेले के लिए रेलवे ने भी विशेष व्यवस्था की है। मेले के दौरान कुल पांच ट्रेनें संचालित होंगी। इनमें तीन अनारक्षित कांवड़ मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। दिल्ली-शामली डीएमयू और दिल्ली-सहारनपुर मेमू का हरिद्वार तक विस्तार किया गया है। सभी विशेष व्यवस्थाएं आज 30 जुलाई से लागू हो गई हैं। तीन स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। जिनमें से एक हरिद्वार से चलेगी और दो ट्रेनें योगनगरी ऋषिकेश से चलेंगी। इसके अलावा दिल्ली से शामली के बीच चलने वाली ट्रेनों का हरिद्वार तक विस्तार किया गया है। यह दोनों ट्रेनें डीएमयू और मेमू ट्रेनें हैं, जिनमें साधारण किराया होता है। इनमें रिज़र्वेशन नहीं होता है।