‘मोहम्मद दीपक’ को सुप्रीम कोर्ट से राहत, एफआईआर पर आगे की कार्रवाई पर रोक

सोशल मीडिरूा पोसट करने पर हाईकोर्ट के आदेश भी किया स्थगित

देहरादून। कोटद्वार के जिम मालिक ‘मोहम्मद’ दीपक कुमार के खिलाफ एफआईआर से होने वाली कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रोक लगा दी है। बजरंग दल के सदस्यों और एक मुस्लिम दुकानदार के बीच हुए झगड़े से जुड़े आरोपों को लेकर दीपक कुमार ने कोर्ट में केस रद्द करने की अर्जी दी थी।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने मामले की सुनवाई की। बेंच ने नैनीताल हाई कोर्ट के उस आदेश पर भी रोक लगाई जिसमें दीपक को घटना और मामले के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से रोक दिया गया था। बेंच ने हाई कोर्ट के एफआईआर रद्द करने से इनकार को चुनौती देने वाली दीपक की याचिका पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान दीपक की तरफ से सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी प्रस्तुत हुए। सिंघवी की ओर से दलील दी गई कि उनके क्लाइंट (दीपक) ने मामले में तब दखल दिया था, जब बजरंग दल के सदस्यों ने एक मुस्लिम दुकानदार के दुकान के नाम पर विरोध जताया था। दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द का इस्तेमाल करने पर बजरंग दल सदस्यों ने आपत्ति जताई गई थी। घटना से संबंधित वीडियोग्राफिक सबूतों का हवाला देते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने हाई कोर्ट के आदेश के तर्क पर भी सवाल उठाया।
सीनियर वकील सिंघवी ने दलील दी कि जब भीड़ ने दीपक से उसका नाम पूछा तो उसने जवाब दिया, ‘मोहम्मद दीपक’। उसके बाद वह दुकानदार की मदद करने गया था। बेंच को बताया गया कि इस साल गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
उन्होंने दलील दी कि दीपक ने खुद इस घटना के बारे में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई जबकि उसके खिलाफ एसआईआर दर्ज की गई थी। सिंघवी ने हाई कोर्ट के उस निर्देश पर भी चिंता जताई जिसमें उनके क्लाइंट को इस घटना के बारे में सोशल मीडिया पर मैसेज या वीडियो पोस्ट करने से रोका गया था।
दरअसल, इसी साल 26 जनवरी के दिन उत्तराखंड के पौड़ी जिले में स्थित कोटद्वार में एक मुस्लिम दुकानदार की दुकान के नाम को लेकर हंगामा हुआ था। एक मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद ने अपनी दुकान का नाम बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर था। दुकान के नाम में श्बाबाश् शब्द को लेकर बजरंग दल ने आपत्ति जताई थी और दुकानदार से नाम बदलने को कहा था। इसी दौरान स्थानीय जिम ट्रेनर दीपक कुमार ने बजरंग दल का विरोध किया था और वह कार्यकर्यताओं से भिड़ गया। जब युवक का नाम पूछा गया तो उसने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया था। दीपक ने सवाल उठाया था कि यह दुकान 30 साल से ज्यादा समय से चल रही है। अगर दुकानदार मुस्लिम है तो उसका कसूर क्या है? मुसलमानों में भी पीर बाबा होते हैं। तेज बहस और धक्का मुक्की के बीच भी दीपक बुजुर्ग दुकानदार के साथ खड़ा रहा। दरअसल, कोटद्वार में हनुमान जी का प्रसिद्ध बाबा सिद्धबली मंदिर है। बाबा सिद्धबली के नाम पर यहां कई दुकानों के नाम हैं। बजरंग दल को मुस्लिम दुकानदार की दुकान पर बाबा नाम से आपत्ति थी।

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