संगरूर में मेरीटोरियस स्कूल घाबदां में खराब खाना खाने की वजह से पचास से अधिक बच्चों की हालत बिगड़ गई, जिन्हें सिविल अस्पताल और पीजीआई सैटेलाइट घाबदां में दाखिल करवाया गया। सभी बच्चों की हालत स्थिर है।
वहीं मामले में जिला प्रशासन ने सख्त एक्शन लेते हुए स्कूल के कैंटीन ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसडीएम चरणजोत सिंह वालिया के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। इस कमेटी में तहसीलदार, जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी, एसएमओ को भी शामिल किया गया है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की रात खाना खाने के बाद 18 बच्चों की अचानक हालत बिगड़ने लगी। बच्चों को पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद बच्चों को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से 14 ठीक होकर घर लौट आए। शनिवार की सुबह लगभग 36 और छात्रों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया और 20 छात्रों को घाबदां के पीजीआई सेंटर में भर्ती कराया गया।सिविल अस्पताल में उपचारधीन बच्चों ने बताया कि उन्हें स्कूल में तीन टाइम खाना दिया जाता है। पिछले कुछ दिनों से खराब खाना दिया जा रहा और उन्होंने इसकी शिकायत भी की। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि रात को खाना खाने के बाद ही उनकी हालत बिगड़ने लगी थी और सुबह तो बच्चों की तदाद काफी ज्यादा हो गई। बच्चों को अस्पताल ले जाने के लिए चार एंबुलेंस बुलाई गई और उन्हें अस्पताल में दाखिल किया गया। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डाक्टरों की टीम ने तुरंत बच्चों का उपचार शुरू कर दिया। जिस कारण बच्चों की हालत स्थिर है।
सूचना मिलते ही विधायक नरिंदर कौर भराज ने पहले मेरीटोरियस स्कूल का दौरा किया और इसके बाद सिविल अस्पताल में बच्चों का हाल जानने पहुंची। विधायक नरिंदर कौर भराज ने कहा कि इस मामले में कोताही बरतने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में बच्चों के अभिभावकों में भी काफी रोष नजर आया और उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की।