बच्चों को आसानी से शिकार बना लेता है कोल्ड और फ्लू, एक्सपर्ट के बताए तरीकों से करें बचाव

नई दिल्ली। Cold-Flu in Kids: दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में ठंड ने लोगों को कंबल में घुसे रहने पर मजबूर कर दिया है। सर्दियों के मौसम में अक्सर हमारी इम्युनिटी कमजोर होने लगती है, जिसकी वजह से हम आसानी से किसी न किसी संक्रमण या बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। खासकर बच्चे और बुजुर्ग जल्दी इन बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि बदलते सर्द मौसम में बच्चों को हेल्दी रखने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाएं। साथ ही उन्हें सुरक्षित रखने के लिए उचित कदम भी उठाए जाए।

ऐसे में ठंड में होने वाले फ्लू और कोल्ड से बच्चों को बचाने के लिए हमने दिल्ली के सीके बिड़ला अस्पताल (आर) में नियोनेटोलॉजी और बाल रोग निदेशक डॉ. पूनम सिदाना से बातचीत की। आइए जानते हैं बच्चों को कोल्ड और फ्लू से सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टर के बताए कुछ उपाय-

इन टिप्स से रख बच्चों को हेल्दी

  • सबसे पहले, बच्चों की स्वच्छता का ध्यान रखें। बच्चों को साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोने को प्रोत्साहित करें। खासकर भोजन से पहले और छींकने या खांसने के बाद।
  • बच्चों को छींकते या खांसते समय अपने मुंह और नाक को ढंकना सिखाएं। खासतौर से किसी टिशू, रूमाल या अपनी कोहनी से।
  • सर्दियों के मौसम में बच्चों को ठंड से बचाने के लिए टोपा, दस्ताने सहित गर्म कपड़े पहनाएं, ताकि शरीर की गर्मी बनाए रखने में मदद मिले।
  • बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करने के लिए उन्हें फलों और सब्जियों से भरपूर संतुलित आहार खाने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • यह सुनिश्चित करें कि बच्चों को पर्याप्त नींद मिले और वे हाइड्रेटेड रहें।
  • बच्चों को बीमार व्यक्तियों के संपर्क में आने से बचाएं। खासतौर पर भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने से उनमें संक्रमण का खतरा कम हो सकता है।
  • अंत में, अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए उन्हें फ्लू से बचाव का टीका जरूर लगवाएं। ऐसा करने से सर्दी और फ्लू से बचाव करने मेंं मदद मिलेगी, जिससे बच्चे सर्दियों के महीनों में स्वस्थ रहेंगे।

फ्लू के लक्षण-

  • तेज बुखार
  • भूख में कमी
  • गंभीर सिरदर्द
  • लगातार खांसी
  • हाथ-पैर ठंडे होना
  • तेज या उथली सांस
  • छाती का सिकुड़ना
  • होठों या बांहों का नीला पड़ना
  • सुस्ती या चिड़चिड़ापन बढ़ जाना
  • बच्चे का अच्छा महसूस न करना

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