कानपुर के लोगों के लिए खुशखबरी, KDA कर रहा शहर सीमा का विस्तार; इन 84 गांवों को किया जाएगा शामिल

कानपुर। केडीए ने शहर के सीमा विस्तारण में कानपुर नगर व देहात के 84 गांवों की 20588.40 हेक्टेयर जमीन को शामिल किया है। यहां आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और शिक्षण संस्थान विकसित करने की तैयारी है। इससे विकास के साथ ही रोजगार के रास्ते भी खुलेंगेइसको लेकर विकास प्राधिकरण योजना लाने के लिए जमीन ढूंढ़ने जा रहा है। केडीए की 139वीं बोर्ड बैठक में 19 दिसंबर को प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है।

बिल्हौर तहसील के 40 गांवों को सीमा विस्तार में किया गया शामिल

बिल्हौर तहसील के 40 गांवों को सीमा विस्तार में शामिल किया गया है। इन गांवों से रिंग रोड का प्रथम फेज गुजर रहा है। रिंग रोड के दोनों ओर के क्षेत्र का विकास होगा। यहां विभिन्न व्यावसायिक, औद्योगिक, उच्च शिक्षण संस्थान विकसित होने की प्रबल संभावनाएं है। आवास की मांग भी बढ़ेगी। इसी कड़ी में अकबरपुर और मैथा तहसील के 24 गांव एनएच-19 के दोनों ओर 500 मीटर तक केडीए में शामिल हैं।

500 मीटर से अधिक क्षेत्र में व्यावसायिक, आवासीय, औद्योगिक और उच्च शैक्षिक संस्थानों की गतिविधियों को संचालित किया जा सकता है। यहां पर भी आवास की मांग बढ़ेगी। नर्वल और कानपुर तहसील के 20 गांव शामिल हुए हैं। यहां से डिफेंस इंडस्ट्रियल कारिडोर परियोजना प्रस्तावित है। इसके चलते यहां पर आवास के साथ ही व्यवासायिक और शैक्षिण संस्थानों की मांग बढ़ेगी। इसको लेकर केडीए खाका तैयार करने में जुट गया है।

84 गांवों को विस्तारित क्षेत्र में किया गया शामिल

केडीए सचिव शत्रोहन वैश्य ने बताया कि 84 गांवों को केडीए सीमा विस्तारण में शामिल किया गया है। यहां पर विकास की संभावनाओं को देखते हुए सर्वे कराया जाएगा। साथ ही यहां के नक्शे विकास प्राधिकरण में पास होंगे तो आने वाले शुल्क से विकास कराया जाएगा। केडीए अपनी सीमा में शमिल हो रहे 84 गांवों में आवासीय और व्यावसायिक योजना लाने के लिए जमीन ढूंढ़ेगा।

कानपुर नगर और देहात के गांव शामिल हुए हैं। रिंग रोड के आसपास आ रहे गांवों का तेजी से विकास होगा। साथ ही लोगों को भूखंड मिलेगा। जिलाधिकारी के साथ उपाध्यक्ष का कार्य देख रहे विशाख जी ने केडीए की दबे भूखंडों को चिह्नित करके पिछले दिनों नीलामी कराकर केडीए को 1.52 अरब रुपये की आय कराई है। इसी कड़ी में पुरानी योजनाओं का सर्वे चल रहा है अभी कई और दबे भूखंड मिलेंगे।

ये गांव हो रहे शामिल

कानपुर सदर तहसील के दो गांव: हदौली, टीकर मघई।

नर्वल तहसील के 18 गांव

अमौर, कुंदौली, चिरली, तारगांव नर्वल, तेलियावर, बेहटा गंभीरपुर, रसूलपुर जाजमऊ, राजेपुर, लक्ष्मणखेड़ा, साढ़, बड़ा गाव, कुशगरा, गहौली, नौगवा गौतम, पुरवामीर,सिकठिया, तिवारीपुर।

बिल्हौर तहसील के 40 गांव

अमिलिहा, आलमपुर, इटरा, इंदलपुर जुगराज, उमरी, कुर्मी खंडा कला, गजेनपुर, गोगूमऊ, गोविंदेपुर, चककाजी अलिहा, चक गोविंदेपर, चक बेचा, चक हजरतपुर,चौधरीपुर, चौबेपुर कला, ताजपुर, तिघरा, दरियापुर बिठूर, दिलावपुर, टोसवा, देवपालपुर नाडूपुर, पचोर, पीरकपुर, पूरा गनू, विशनपुर, बूढ़नपुर, बैदानी, भवानीपुर, भिखारीपुर, मकरंदपुर, शिवराजपुर, महाराजपुर, माली, रामगोपालपुर, रामपुर किशोर सिं, रूदापुर, सराय छीतम, हरदारापुर, ह्दयपुर मजरा गोगूमऊ, पूरा सुवंश।

कानपुर देहात अकबरपुर तहसील के 11 गांव

फतेहपुर रोशनाई, गोहनी, रायपुर कुकहट, लोधीपुर, शेरपुर तरौदा, किसरवल, चिरौरा, देवकली, धन्जुवा (पार्ट) , बिसायकपुर, मुबारकपुर लाटा।

कानपुर देहात के मैथा तहसील के 13 गांव

खरगपुर बिठूर, चक टोडरपुर, चक रतनपुर, टोडरपुर, ढ़िकिया,पिटरापुर, भाऊपुर, मलिकपुर, रास्तपुर, रंजीतपुर, शेखपुर, सिंहपुर देवनी, हृदयपुर मजरा प्रतापुर।

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