सुप्रीम कोर्ट में बना इतिहास, क्या हुआ ऐसा, जो इतिहास बन गया, जानने के लिए पढ़ें यह खबर

नई दिल्ली।कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पीबी वराले को सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर शपथ दिलाई। सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में जस्टिस वराले को पद की शपथ दिलाई गई। न्यायमूर्ति वराले को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी केंद्र ने बुधवार को दी थी। उनके शपथ लेने के बाद शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या पूर्ण हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 है, जिसमें प्रधान न्यायाधीश भी शामिल हैं।

यह पहली बार है कि सुप्रीम कोर्ट में तीन वर्तमान जज दलित समुदाय से हैं। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट में इतिहास रचा गया है। दलित समुदाय से संबंध रखने वाले दो अन्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार हैं। इस महीने की शुरुआत में जस्टिस वराले के नाम की सिफारिश करते वक्त सीजेआई चंद्रचूड़ नीत सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने कहा था कि उसने इस तथ्य को ध्यान में रखा कि वह उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीशों में से एक हैं।

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