गौ रक्षा विभाग ने निराश्रित घूम रही दो बछिया को लिया गोद

बेसहारा गाय और नंदी को खिलाया जा रहा चारा
डीएम को ज्ञापन भेजकर आवारा पशुओं के चिन्हीकरण की मांग
रुद्रप्रयाग। विश्व अखाड़ा परिषद (गौ रक्षा विभाग) ने रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र में निराश्रित घूम रही दो गाय की बछिया को गोद लिया है। गौ रक्षा विभाग के सचिव देवेंद्र बिष्ट एवं महामंत्री भूपेंद्र जगवाण ने एक-एक गाय की बछिया को गोद लिया है। गौ रक्षा विभाग की इस पहल का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। इसके साथ ही गौ रक्षा विभाग की टीम ने डीएम को ज्ञापन भेजकर आवारा घूम रही गाय और नंदी के चिन्हीकरण की मांग की है।
गौ रक्षा विभाग के जिलाध्यक्ष रोहित डिमरी ने कहा कि कुछ असामाजिक लोग गाय और उसके बछिया को सड़कों में छोड़ रहे हैं। शहरों में यह गाय और नंदी आवारा घूम रहे हैं। इनके संरक्षण को लेकर गौ रक्षा विभाग अभियान चलाए हुए है। अभियान के तहत जहां घायल गाय एवं नंदी का उपचार किया जा रहा है, वहीं गाय और बछिया को गोद भी लिया जा रहा है। जिससे उनका सही से भरण पोषण हो सके। उन्होंने कहा कि बाजारों में बहुत संख्या में गाय और नंदी आवारा घूम रही हैं, जो गौ धाम के अभाव में यहां वहां भटक रहे हैं। गौ रक्षा विभाग का यही प्रयास है कि घायल गाय और नंदी का ट्रीटमेंट सही समय पर किया जाए, साथ ही इनके संरक्षण और संवर्धन को लेकर आवाज उठाई जाए। इसके साथ ही गौ रक्षा विभाग के जिलाध्यक्ष रोहित डिमरी के नेतृत्व में रात के समय नगर क्षेत्र रुद्रप्रयाग में आवारा घूम रही गाय एवं नंदी को हरा चारा खिलाया जा रहा है। इस मौके पर गौ रक्षा विभाग के महामंत्री भूपेंद्र जगवान, सचिव देवेंद्र बिष्ट, कोषाध्यक्ष संदीप कप्रवान, रोशन झा, अंकित राणा, गावस्कर रावत, रोहित गोस्वामी सहित अन्य मौजूद थे।
वहीं जिले के शहरी इलाकों में आवारा घूम रही निराश्रित गाय, बछिया एवं नंदी का चिन्हीकरण और असामाजिक लोगों पर कार्यवाही को लेकर गौ रक्षा विभाग की टीम ने डीएम को ज्ञापन भेजा है। डीएम को भेजे ज्ञापन में जिलाध्यक्ष रोहित डिमरी ने कहा कि रुद्रप्रयाग जिले के विभिन्न शहरी इलाकों में सैकड़ों की संख्या में निराश्रित गाय, बछिया एवं नंदी सड़कों में आवारा घूम रहे हैं। आये दिन इनकी संख्या बढ़ती जा रही हैै। जिन जगहों पर गौधाम बनाये जा रहे हैं, उनमें भी क्षमता कुछ ज्यादा दिखाई नहीं दे रही हैं। ऐसे में जरूरी है कि जो गाय, बछिया एवं नंदी आवारा सड़कों में घूम रहे हैं, इनका चिन्हिकरण किया जाए। साथ ही जिन गायों के कानों में टैग लगे हैं, उन गायों की रिपोर्टिंग नगर पालिका स्तर से करवाई जाए, जिससे जो लोग अपने पशुओं को सड़कों में छोड़ रहे हैं, उन पर कार्यवाही की जा सके। नगर पालिका एवं नगर पंचायत स्तर से इन लोगों पर भारी भरकम चालान काटा जाए, जिससे आगे से कोई भी ऐसी गलती ना कर सके। इसके साथ ही आवारा पशुओं के लिए घास और पानी की व्यवस्था को लेकर जगह चिन्हित किए जाएं। जिलाध्यक्ष ने गाय और नंदी के संरक्षण को लेकर विश्व अखाड़ा परिषद (गौ रक्षा विभाग) की मुहिम को सफल बनाने के लिए नगर पालिका एवं नगर पंचायत स्तर से आवारा पशुओं का चिन्हीकरण करवाने और सड़कों में मवेशियों को छोड़ने वाले लोगों पर कार्यवाही करने की मांग की है।

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