फिरोजपुर। पद का दुरुपयोग करने व रिश्वत वसूलने के मामले में थाना कैंट पुलिस ने डीएसपी सिटी सुरेन्द्र बंसल और पूर्व सरपंच गुरमेज सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि डीएसपी ने थाना कैंट पुलिस द्वारा 10 मई 2022 को दर्ज की गई एफआईआर नंबर 22 मामले में नामजद युवक को बिना किसी ठोस सबूत पर बेगुनाह साबित कर दिया था और उसने अपने पद का दुरुपयोग किया था, जिस व्यक्ति को डीएसपी ने मामले से बाहर किया था वह कोठी राय साहिब का पूर्व सरपंच रह चुका है।
डीएसपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी
डीएसपी ने पूर्व सरपंच गुरमेज सिंह को अपना एजेंट बना रखा है और उसी के माध्यम से वह प्रार्थियो से रिश्वत बटोरता है। यह मामला उच्चाधिकारियों के ध्यान में आने के बाद बड़े स्तर पर जांच शुरू हुई। डीआईजी रणजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि डीएसपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
टार्जन शर्मा से 15 हजार रुपये हासिल किए थे
वहीं दूसरे मामले में पुलिस के उच्चाधिकारियों के हाथ एक ऑडियो भी बरामद हुई है। डीएसपी की शह पर गुरमेज सिंह ने अपनी यूपीआई पर शहर के मोहल्ला डोलेया वाला के निवासी टार्जन शर्मा से 15 हजार रुपये हासिल किए थे, लेकिन उसका काम नहीं हुआ।
विभिन्न लोगों से राशि इकट्ठी की थी
एफआईआर मुताबिक गुरमेज सिंह ने विभिन्न लोगों से इस साल राशि इकट्ठी करके डीएसपी के नाम रजिस्टर्ड नंबर पर 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इसी साल प्रदीप के खाते में करीब 3.5 लाख रुपए जमा करवाए गए जो कि गुरमेज सिंह को नगद प्राप्त हुए थे या फिर उसके खातों में जमा हुए। उसी तरह डीएसपी सुरेंद्र बंसल के करीबी व्यक्ति ललन कुमार को वर्ष 2023 में करीब 3 लाख रुपए की रकम ट्रांसफर की गई, जो कि गुरमेज सिंह ने नगद व विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खातों से प्राप्त हुई।
मामले की जांच एसपी डिटैक्टिव रणधीर कुमार द्वारा की जा रही है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और अभी गिरफ्तार नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि आगे की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
क्या है पुराना मामला
थाना कैंट पुलिस द्वारा 10 मई 2022 को एफआईआर नंबर 22 कांता देवी पत्नी बाबूराम निवासी बस्ती टैंका वाली के बयानों पर दर्ज की गई थी। महिला का आरोप था कि गुरमेज सिंह जो कि कोठी राय साहिब का पूर्व सरपंच है ने उसके बेटे हर्षपाल को रेलवे में टिकट चेकर की नौकरी लगवाने के एवज में 7 लाख रुपए की मांग की थी। महिला ने बताया कि उसका पति भारतीय सेना में बतौर नायक तैनात है और पूर्व सरपंच उनके घर के पिछली तरफ रहने के कारण वह उसके संपर्क में आए थे। महिला का आरोप है कि गुरमेज ने उसके बेटे का मेडिकल करवाने के अलावा बताया कि उसका नियुक्ति पत्र आ चुका है।
पहले उसने एक लाख रुपए लिए और बाद में 1.75 लाख की मांग की। पेमेंट देने के बाद 28 जनवरी 2020 को उन्हें नियुक्ति पत्र भी दिया। महिला का आरोप था कि उसके बेटे की दिल्ली में ट्रेनिंग के बाद उसे जोगिन्द्र सिंह से भी मिलवाया। आरोप है कि पूर्व सरपंच ने उससे कुल 7 लाख रुपए लिए थे और जाली आईडी कार्ड उसके बेटे को दिए गए। पुलिस द्वारा मामले की जांच के बाद गुरमेज सिंह और जोगिन्द्र सिंह उर्फ परमिन्द्र को धोखाधड़ी के तहत नामजद किया था।
पार्षद के पति की मौजूदगी में हुई तलाशी
वार्ड नंबर 27 की पार्षद यामिनी शर्मा के पति मनीष शर्मा ने बताया कि उन्हें दोपहर में पुलिस का फोन आया कि उनके वार्ड के अंतर्गत आती अफसर कॉलोनी में एक घर की चेकिंग करनी है। शर्मा ने बताया कि जैसे ही वह पहुंचे तो पुलिस द्वारा चैकिंग अभियान चलाया गया। उसके बाद उन्हें नहीं पता कि पुलिस को वहां से क्या बरामद हुआ और क्या नहीं।
शुरुआती दौर से सुर्खियों में रहे है डीएसपी
डीएसपी सुरेंद्र बंसल शुरुआती दौर से ही सुर्खियों में रहे है। सितंबर में उन्होंने थाना सदर में इंस्पेक्टर रहे अभिनव चौहान सहित अन्य पुलिस कर्मियों पर नशा तस्करों को रेड से पहले मुखबिरी करने के आरोप लगाए थे। तब डीएसपी का आरोप था कि उक्त इंस्पेक्टर जिस थाने में तैनात है, उस क्षेत्र में बॉर्डर एरिया आता है । पुलिस द्वारा जब नशा बेचने वालों के ठिकानों पर रेड की जाती है तो उक्त कर्मचारी पहले ही तस्करों को सूचित कर देते है, जिसके बाद मामले की जांच एसपी इंवेस्टीगेशन को सौंपी गई थी।
लंबे समय से फिरोजपुर में तैनात हैं बंसल
बाढ़ प्रभावित गांवों में दौरा करते हुए उनकी फिरोजपुर शहरी विधायक रणवीर सिंह भुल्लर की गाड़ी चलाने की फोटो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी। सुरेन्द्र बंसल फिरोजपुर में लंबे समय से तैनात है और विधायक के खास माने जाते है।
अक्टूबर 2022 में डीएसपी बंसल ने एक परिवार मिलन समारोह में मंच से कहा था कि उन्हें विधायक भुल्लर ने ही डीएसपी सिटी लगवाया है और किसी भी अग्रवाल भाई को दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।