3 करोड़ की अघोषित बिक्री का पर्दाफाश, किये कई खुलासे
रामनगर में राज्य कर विभाग की कार्रवाई के बाद हलचल मची
रामनगर। बीते रोज व्यापारिक जगत को बड़ा झटका लगा। राज्य कर विभाग ने कमिश्नर के निर्देशों पर एक साथ कई मोर्चों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के कई गंभीर मामलों का खुलासा किया। छोई स्थित राज्य कर कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सहायक राज्य कर आयुक्त अनिल कुमार सिन्हा ने इस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी साझा की।
सहायक आयुक्त ने बताया पिछले कुछ महीनों से विभाग को टैक्स चोरी, गलत जीएसटी रिटर्न, अवैध कारोबार और पंजीकरण रद्द होने के बाद भी व्यापार जारी रखने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। व्यापक जांच के बाद कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं, जिन पर विभाग ने तुरंत सख्त कदम उठाए।
जांच में पाया गया कि मनरेगा के तहत सरकारी भुगतान प्राप्त करने के बाद कई लोगों ने टैक्स जमा ही नहीं किया। ऐसे 10 व्यापारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। बाकी मामलों की जांच जारी है। विभागीय टीम ने रामनगर परिक्षेत्र के एक आभूषण व्यापारी के प्रतिष्ठान पर छापेमारी की। जांच में सामने आया कि व्यापारी ने करीब 3 करोड़ रुपये की अघोषित बिक्री की थी। मौके पर ही व्यापारी से 2 लाख रुपये टैक्स के रूप में जमा कराए गए, जबकि शेष कर देयता 15 दिनों के भीतर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी रखे हुए है। राज्य कर विभाग ने बताया कि पिछले महीने क्षेत्र की कई निर्माणाधीन इकाइयों में टैक्स चोरी पकड़ी गई। इन इकाइयों से लगभग 3 करोड़ रुपये का टैक्स रिवर्स कराया गया है। 22 सितंबर 2025 को जीएसटी में हुए बदलाव के बाद विभाग ने होटल और रिज़ॉर्ट्स की जांच तेज कर दी है। जांच मे होटल व रिज़ॉर्ट संचालकों से 53.01 लाख रुपये रिवर्स टैक्स वसूला गया। विभाग की छानबीन में यह भी सामने आया कि कई व्यापारी जीएसटी रजिस्ट्रेशन निरस्त होने के बाद भी व्यापार कर रहे थे। ऐसे व्यापारियों की सूची तैयार हो चुकी है। उनकी जांच तेजी से की जा रही है।
सहायक आयुक्त अनिल कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कहा ने टैक्स चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विभाग अब आकस्मिक छापेमारी तेज करेगा। उन्होंने कहा बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन, रिज़ॉर्ट संचालन और अन्य व्यापारिक क्षेत्रों में टैक्स चोरी के हर मामले में कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी। सभी मामलों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है।