संगरूर।अपनी खामियों की वजह से हर दिन चर्चा में रहने वाला सरकारी मेरिटोरियस स्कूल घाबदां संगरूर में सोमवार देर शाम को एक बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ माह पहले ही भी स्कूल में बच्चों को घटिया दर्जे का खाना परोसे जाने से सौ से अधिक विद्यार्थी बीमार होने का मामला सामने आया है। वहीं सोमवार को विद्यार्थी द्वारा आत्महत्या करने के मामले ने जहां झिंझोड़ कर रख दिया है, वहीं स्कूल प्रबंधकों व शिक्षा विभाग संगरूर की कुंभकर्णी नींद का भी सबूत पेश किया है।
हॉस्टल के कमरे में लगाई फांसी
जानकारी अनुसार जिला संगरूर मेरिटोरियस स्कूल घाबदां में बारहवीं कक्षा कॉमर्स का विद्यार्थी करण सिंह निवासी बलराम ने सोमवार शाम को स्कूल परिसर में मौजूद हॉस्टल में ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का पता देर शाम को लगा तो स्कूल स्टाफ ने पुलिस को सूचित किया। एसएचओ थाना सदर संगरूर गुरप्रीत सिंह हांडा ने बताया कि स्कूल से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। विद्यार्थी द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या की गई है।
टीचर ने पिता से कम नंबर आने को लेकर की थी शिकायत
लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौके पर पहुंचे मृतक छात्र के पिता सब्जी विक्रेता सुरेश सिंह ने बताया कि शाम तीन बजे उन्हें स्कूल से अध्यापक का फोन गया था कि उनके पुत्र के किसी एक पेपर में अंक कम है। अध्यापक ने कहा था कि करण पढ़ाई नहीं करता है, जिस कारण पेपर में अंक कम आए हैं। अगर यह नहीं पढ़ेगा तो स्कूल से निकाल देंगे। करण ने भी पिता से बात की तो पिता ने उसे समझाया कि वह मन लगाकर पढ़ाई करे, जिसके बाद फोन बंद कर दिया। कुछ घंटे बाद ही स्कूल से सूचना मिली कि करण ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है।
परिवार ने स्कूल स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की
पिता ने आरोप लगाया कि अंक कम होने कारण किसी ने करण को डराया या धमकाया है, जिस वजह से उसने आत्महत्या की। सुरेश ने बताया कि उसके तीन पुत्र है। करण सबसे छोटा था, जिसने ग्यारहवीं की पढ़ाई भी इसी स्कूल में की व अब कुछ माह बाद बोर्ड की परीक्षा देने वाला था। परिवार ने स्कूल स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की।