नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को जी20 वर्चुअल शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने समिट की अध्यक्षता करते हुए आतंकवाद पर चिंता जताई। पीएम ने कहा कि आतंकवाद हम सभी को अस्वीकार्य है। नागरिकों की मौत कहीं भी हो वह निंदनीय है। इजरायल-हमास युद्ध पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि आज बंधकों के रिलीज के समाचार का हम स्वागत करते हैं। उम्मीद करते हैं कि सभी बंधक जल्द ही रिहा हो जाएंगे। मानवीय सहायता का निरंतर और समय से पहुंचना आवश्यक है।
ये सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि इजरायल और हमास की लड़ाई किसी भी तरह का क्षेत्रीय रूप धारण न करे। आज संकटों के जो बादल हम देख रहे हैं, वन फैमिली में वह ताकत है कि हम शांति के लिए काम कर सकते हैं, मानवीय कल्याण के लिए हम आतंक और हिंसा के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद कर सकते हैं। इसके लिए भारत कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए तत्पर है।
पूरी दुनिया में एआई को लेकर बढ़ी चिंता
पीएम मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया में एआई को लेकर चिंता बढ़ रही है। भारत की स्पष्ट सोच है कि इसके रेगुलेशन के लिए हम सभी को प्रयास करना चाहिए। डीपफेक समाज के लिए कितना खतरनाक है इसकी गंभीरता को समझते हुए हमें आगे बढऩा होगा। हम चाहते हैं कि एआई लोगों तक पहुंचे, लेकिन समाज के लिए सुरक्षित हो, इसीलिए भारत में अगले महीने ग्लोबन एआई पार्टनरशिप समिट आयोजित हो रही है।
हमने मिलकर जी20 को ऊंचाइयों पर पहुंचाया
पीएम मोदी ने समिट में कहा कि एक साल में जी20 लीडर्स ने मिलकर इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, अविश्वास और चुनौतियों से भरी इस दुनिया में ये आपसी विश्वास ही है जो हमें बांधता है और एक-दूसरे से जोड़ता है। इस एक साल में हमने वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर में विश्वास जताया है और विवादों से हटकर एकता ओर सहयोग का परिचय दिया है। वह पल मैं कभी नहीं भूल सकता जब दिल्ली में हम सभी ने सर्वसम्मति से जी20 में अफ्रीकन यूनियन का स्वागत किया।