गैर कानूनी गतिविधयों पर लगेगा ब्रेक, पंजाब सरकार की एजेंसियां केंद्र से बैठाएंगी ताल-मेल; जेलों में टूटेंगे तस्‍करी के नेटवर्क

चंडीगढ़।हलफनामे के माध्यम से स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए पंजाब सरकार की ओर से बेहद कमजोर योजना पेश की गई। सरकार ने बताया कि जेल में विभिन्न पद भरने के लिए 189 पद विज्ञापित किए गए हैं। 2 आईजी और 10 इंस्पेक्टरों को डेपुटेशन पर लाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। करीब 1450 रिक्त पदों को भरने के नाम पर 201 पदों की ही योजना सौंपी गई है जो बेहद कमजोर है।

पंजाब पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा आठ जेलों में एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी प्रणाली स्थापित करने का काम पहले से ही चल रहा है। एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी प्रणाली के अलावा, बाहर से प्रतिबंधित सामग्री फेंकने पर रोक लगाने के लिए परिधि की दीवारों पर संवेदनशील स्थानों पर स्टील टावरों पर 20 मीटर की ऊंचाई तक नायलॉन जाल की स्थापना का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।

जेलों के लिए सीआरपीएफ की अतिरिक्त कंपनी

जेल विभाग में पर्यवेक्षी कर्मचारियों की कमी है, इसलिए जेल विभाग पंजाब में दो एआईजी रैंक के अधिकारियों और दस निरीक्षकों की प्रतिनियुक्ति के संबंध में एक प्रस्ताव गृह मामलों और न्याय विभाग में भेजा गया है। जेल विभाग में सीआरपीएफ की अतिरिक्त कंपनी की तैनाती के संबंध में आगे का मामला गृह मामलों और न्याय विभाग के साथ उठाया गया है, जो विचाराधीन है।

गश्त बढ़ा दी गई है

गश्त को मजबूत और तीव्र करने के लिए भारत सरकार की आधुनिकीकरण योजना के तहत 16 ई-वाहन (4-सीटर) और 57 ई-बाइक खरीदे जा रहे हैं। इस उद्देश्य के लिए वर्तमान में विभिन्न जेलों में 26 मोटरसाइकिलें तैनात की गई हैं और इस उद्देश्य के लिए खरीद के संबंध में प्रस्ताव और 28 मोटरसाइकिलों की खरीद के संबंध में प्रस्ताव 4 जनवरी, 2024 को एडीजीपी (जेल) पंजाब के कार्यालय से प्राप्त हुए थे।

प्रोत्साहित करने के लिए पारितोषिक देने का भी प्रविधान

इसके साथ ही जेल के स्टाफ द्वारा यदि मोबाइल फोन को जब्त करवाया जाता है तो उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए पारितोषिक देने का भी प्रविधान किया गया है। जेल के भीतर नशे का नेटवर्क तोडऩे व जेल में रहकर वहां से प्रदेश में गैर कानूनी गतिविधयों को अंजाम देने वालों पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार की एजेंसियां एनआईए व अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिल कर काम कर रही है।

आपस के सामंजस्य को स्थापित रखने के लिए हर तीन माह में एक बैठक आयोजित की जाती है। योजना के अनुसार जेल के भीतर रिसर्च, एनालिसिस एंड इंटेलिजेंस विंग के माध्यम से तस्करी व मोबाइल फोन से गैर कानूनी गतिविधयों को अंजाम देने वालों को काबू किया जाएगा।

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