हरिद्वार। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और सांसद रमेश पोखरियाल निशंक के बयान से हरिद्वार में बवाल मचा हुआ है। सांसद निशंक ने प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण अस्वीकार कर कांग्रेस के खत्म होने का बयान दिया था। जिस पर अब कांग्रेस चौतरफा हमलावर हो गई है। ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर का कहना है कि सांसद निशंक को विकास कार्यों से कोई लेना नहीं है। इसलिए बेवजह की बयानबाजी कर रहे हैं। लिहाजा, विधायक बहादुर ने सांसद निशंक को खुली बहस करने की चुनौती दी है।
बता दें कि हरिद्वार में युवा दिवस के मौके पर रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल में आयोजित कार्यक्रम में सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कांग्रेस पर बयान दिया था। सांसद निशंक ने अपने बयान में कहा था कि प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण अस्वीकार कर कांग्रेस खुद को खत्म करना चाहती है। जिसके बाद आज ज्वालापुर से कांग्रेस विधायक रवि बहादुर ने प्रेस वार्ता कर सांसद निशंक के इस बयान का पलटवार किया है। साथ ही उन्हें विकास कार्यों पर खुली बहस करने की चुनौती भी दी।
ज्वालापुर कांग्रेस विधायक रवि बहादुर ने कहा कि सांसद निशंक को रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य से कोई लेना देना नहीं है। इसलिए वो बेवजह की बयानबाजी कर रहे हैं। रमेश पोखरियाल निशंक दो बार से लगातार जीत कर हरिद्वार से सांसद बने हैं। उन्हें केंद्रीय मंत्री भी बनाया गया। उसके बावजूद भी वो अपनी कोई भी उपलब्धि नहीं गिना सकते। इसलिए वो राम का सहारा ले रहे हैं। वहीं, विधायक रवि बहादुर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निशंक नशे में रहते हैं। विधायक रवि बहादुर ने कहा कि अगर उन्हें कांग्रेस खत्म होती देखी भी रही है तो आकर हमें सलाह दें। ताकि, उनकी सलाह लेकर आगे कांग्रेस को और मजबूत किया जाए। वहीं, कांग्रेस के राम मंदिर के कार्यक्रम में न जाने का कारण बताते हुए रवि बहादुर ने कहा कि कांग्रेस अधूरे राम मंदिर में नहीं जाना चाहती, इसलिए उन्होंने यह निर्णय लिया है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि शंकराचार्यों ने भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने से मना किया है।