देवरियाताल पैदल ट्रैक के विकास को लेकर ग्रामीणों की पहल

संभावनाओं से उत्साहित क्षेत्र, स्थानीय स्तर पर रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
रुद्रप्रयाग। पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ऊखीमठ-उदयपुर-पैंज देवरियाताल पैदल ट्रैक के विकास को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों ने सक्रिय कदम उठाए हैं। इसी क्रम में 10 सदस्यीय ग्रामीणों का एक दल पैदल ट्रैक का निरीक्षण करते हुए देवरियाताल पहुंचा। ग्रामीणों ने ऊखीमठ से पैंज होते हुए देवरियाताल तक के पारंपरिक पैदल मार्ग का जायजा लिया और ट्रैक की वर्तमान स्थिति का विस्तृत अवलोकन किया।
इस दौरान दल ने मार्ग में आने वाली समस्याओं, जैसे टूटी पगडंडियां, झाड़ियों का अत्यधिक फैलाव, संकेतकों की कमी और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव को चिन्हित किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस ट्रैक को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाए तो यह क्षेत्र देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन सकता है। दल का नेतृत्व कर रहे गायत्री देवी चैरिटेबल ट्रस्ट के  चैयरमैन बलबीर  धर्म्वाण ने बताया कि देवरियाताल अपने प्राकृतिक सौंदर्य, हिमालयी शिखरों के अद्भुत दृश्य और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन वर्तमान में ऊखीमठ-पैंज-देवरियाताल पैदल ट्रैक से यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, जिसका मुख्य कारण ऊखीमठ-पैंज-देवरियाल पैदल मार्ग का पर्याप्त विकास न होना है। उनका कहना है कि ऊखीमठ-पैंज-देवरियाताल ट्रैक को विकसित कर इसे एक व्यवस्थित ट्रेकिंग रूट बनाया जा सकता है, जिससे ऊखीमठ से पैंज व देवरियाताल तक फैले भूभाग में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी। दल में शामिल ओंकारेश्वर वार्ड के सभासद प्रदीप धर्म्वाण का मानना है कि इस पैदल ट्रैक के विकास से होमस्टे, गाइड सेवा, स्थानीय उत्पादों की बिक्री और परिवहन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पलायन की समस्या को भी कम किया जा सकेगा। दल ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि इस पैदल ट्रैक को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाए। इसके अंतर्गत पैदल ट्रैक की मरम्मत, मार्ग पर संकेतक बोर्ड, विश्राम स्थल, सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छता सुविधाओं का विकास आवश्यक बताया गया। दल  ने यह भी निर्णय लिया कि वे स्वयं भी जनसहभागिता के माध्यम से इस ट्रैक को साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाने के लिए अभियान चलाएंगे। साथ ही, पर्यटन विभाग के सहयोग से इस ट्रैक का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां पहुंच सकें।
दल का मानना है कि इस पहल को क्षेत्र के पर्यटन  विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में ऊखीमठदृपैंजदृदेवरियाताल ट्रैक उत्तराखंड के प्रमुख ट्रेकिंग रूट्स में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकता है। दल में महावीर सिंह रावत, जसवीर रावत, नागेन्द्र शैव , जीतपाल धर्म्वाण, लक्ष्य धर्म्वाण, अमन धर्म्वाण, आदित्य धर्म्वाण , मनवर सिंह धर्म्वाण शामिल थे।

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