यह जीवन मेरा नहीं, राष्ट्र के लिए है भारत रत्न सम्मान पर बोले पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी

नई दिल्ली।लालकृष्ण आडवाणी ने शनिवार को भारत रत्न से सम्मानित होने पर आभार व्यक्त किया। इसे अपने आदर्शों और सिद्धांतों के लिए ‘सम्मान’ बताते हुए, भाजपा के दिग्गज नेता ने कहा कि अत्यंत विनम्रता और कृतज्ञता के साथ, मैं भारत रत्न स्वीकार करता हूं, जो मुझे प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह न केवल एक व्यक्ति के रूप में मेरे लिए सम्मान की बात है, बल्कि उन आदर्शों और सिद्धांतों के लिए भी सम्मान है, जिनकी मैंने अपनी पूरी क्षमता से जीवन भर सेवा करने का प्रयास किया। आडवाणी ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि मैं 14 साल की उम्र में आरएसएस स्वयंसेवक के रूप में शामिल हुआ, तब से मैंने केवल एक ही चीज में इनाम मांगा है, जीवन में मुझे जो भी कार्य सौंपा गया है, उसमें अपने प्यारे देश की समर्पित और निस्वार्थ सेवा करना। जिस चीज़ ने मेरे जीवन को प्रेरित किया है वह आदर्श वाक्य है ‘इदं न मम’। यह जीवन मेरा नहीं है। मेरा जीवन मेरे राष्ट्र के लिए है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज मैं उन दो व्यक्तियों को कृतज्ञतापूर्वक याद करता हूं जिनके साथ मुझे करीब से काम करने का सम्मान मिला, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी।

सम्मान पर इन्होंने लगाई शुभकामनाओं की झड़ी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम सबके प्रेरणास्रोत एवं देश के वरिष्ठ नेता, श्रद्धेय लाल कृष्ण आडवाणी जी को भारत रत्न दिए जाने के निर्णय से बड़े हर्ष और आनंद की अनुभूति हुई है। वह राजनीति में शुचिता, समर्पण और दृढ़ संकल्प के प्रतीक हैं। उन्होंने देश के विकास और राष्ट्रनिर्माण में जो महत्वपूर्ण योगदान किया है, वह अविस्मरणीय और प्रेरणास्पद है। नितिन गडकरी ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न की घोषणा अत्यंत सुखद और आनंददाई है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद देश के पुनर्निर्माण में आडवाणी जी की अहम भूमिका रही है। आडवाणी जी राजनीति में शुचिता के जीवंत उदाहरण है। अमित शाह ने कहा कि हमारे वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री आदरणीय लालकृष्ण आडवाणी को ‘भारत रत्न’ दिए जाने की घोषणा से अत्यंत प्रसन्नता हुई। आडवाणी आजीवन नि:स्वार्थ भाव से देश और देशवासियों की सेवा में समर्पित रहे हैं।

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