आईएमपीसीएल फैक्ट्री के निजीकरण के चलते किया सीएम के दौरे का विरोध, गिरफ्तार

रामनगर। मुख्यमंत्री के नैनीताल दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे रामनगर के जनप्रतिनिधियों को पुलिस ने बेलपड़ाव क्षेत्र में ही रोककर हिरासत में ले लिया। ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी, ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी और उनके समर्थक सिर पर काली पट्टी बांधकर तथा हाथों में काले गुब्बारे लेकर मुख्यमंत्री का विरोध करने भीमताल जा रहे थे। उनका आरोप है कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने मोहान स्थित आईएमपीसीएल आयुर्वेदिक दवा फैक्ट्री को निजी हाथों में सौंप दिया है। जिससे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नैनीताल जिले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे रामनगर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और समर्थकों को पुलिस ने बेलपड़ाव में रोक लिया। प्रदर्शनकारी काली पट्टी बांधकर और काले गुब्बारे लेकर मुख्यमंत्री तक अपना विरोध दर्ज कराने जा रहे थे। पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए सभी को हिरासत में ले लिया।
पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी ने कहा मोहान स्थित आईएमपीसीएल आयुर्वेदिक दवा फैक्ट्री को करोड़ों रुपये में बेचे जाने का फैसला क्षेत्र के लोगों और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। उनका कहना है कि इस फैसले से वर्षों से फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री को निजी हाथों में सौंपे जाने के विरोध में कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है।
संजय नेगी ने कहा अल्मोड़ा और नैनीताल जिलों के कई जनप्रतिनिधि भी इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पूरे मामले में मुख्यमंत्री की चुप्पी लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर जवाब मांगने के लिए ही वे अपने समर्थकों के साथ भीमताल जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने उन्हें रोककर गिरफ्तार कर लिया है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा जब तक केंद्र और राज्य सरकार आईएमपीसीएल को निजी हाथों में सौंपने का फैसला वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग इस मुद्दे पर एकजुट हैं। वे सड़क से लेकर सदन तक सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे।
आईएमपीसीएल के निजीकरण को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान हुई गिरफ्तारी ने इस मुद्दे को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया है। अब देखना होगा कि सरकार इस बढ़ते विरोध पर क्या रुख अपनाती है।

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