चमोली। जिले में रविवार रात से सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश से अलकनंदा नदी विकराल रूप धारण करते हुए तेज बहाव के साथ वार्निंग लेवल के करीब पहुंच गई है। नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे बसे क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है, जबकि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इतना ही नही बढे जलस्तर के कारण शिव प्रतिमा अलकनंदा में जलमग्न हो गई है।
अलकनंदा में डूबी शिव प्रतिमारू अलकनंदा के बढ़ते जलस्तर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नदी तट से करीब 20 से 25 मीटर दूर स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा पूरी तरह जलमग्न हो गई है। नदी अपने सामान्य बहाव क्षेत्र से कई मीटर बाहर फैल चुकी है और चारों ओर पानी का विशाल सैलाब दिखाई दे रहा है। प्रतिमा का जलमग्न होना नदी के रौद्र स्वरूप का प्रत्यक्ष प्रमाण बन गया है। लगातार बढे रहे जलस्तर के कारण नदी किनारे स्थित सभी घाट पानी में समा चुके हैं। घाटों तक जाने वाले संपर्क मार्ग भी जलमग्न हो गए हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है। प्रशासन ने एहतियातन नदी किनारे जाने पर रोक लगा दी है। पुलिस तथा संबंधित विभागों की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं। अलकनंदा का बढ़ता जलस्तर अब रुद्रप्रयाग शहर के बेलनी क्षेत्र के लिए भी चिंता का कारण बन गया है। प्रशासन संभावित खतरे को देखते हुए हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने स्थानीय नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग रात के समय नदी के जलस्तर पर नजर बनाए रखें। अनावश्यक रूप से नदी किनारे न जाएं। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष को दें। इस मामले में व्यापार संघ अध्यक्ष महेंद्र सेमवाल ने बताया कि रविवार रात हुई भारी बारिश के कारण त्रियुगीनारायण मोटरमार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई। उन्होंने प्रशासन से मार्ग को शीघ्र सुचारु कराने की मांग की है ताकि स्थानीय लोगों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।इधर, लगातार बारिश का असर विजयनगर-तैला मोटरमार्ग पर भी देखने को मिला। गंगानगर के समीप सड़क का एक हिस्सा ध्वस्त होने से यह मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। मार्ग बंद होने से क्षेत्र के ग्रामीणों और यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो गई है तथा लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की टीमें क्षतिग्रस्त मार्गों को खोलने के प्रयास में जुटी हैं। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।
बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारण लग रहा चारधाम यात्रा पर ब्रेक
देहरादून। उत्तराखंड में ही रही भारी बारिश के चलते पहाड़ी जिलों जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिससे लोगों की काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ों पर कई जगहों पर लगातार भूस्खलन हो रहा हैं। भारी बारिश के बीच यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन हो गया, जिस कारण चारधाम यात्रा की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा गया। फिलहाल हाईवे बंद है, जो संबंधित विभाग की टीम खोलने का प्रयास कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि बारिश के कारण पहाड़ों से लगातार बड़े-बड़े बोल्डर गिर रहे हैं। इसी वजह से यमुनोत्री नेशनल हाईवे बार-बार बाधित हो रहा हैं। बीते रोज शाम को भी स्यानाचट्टी के पास इसी तरह यमुनोत्री नेशनल हाईवे लैडस्लाइड के कारण बंद हो गया था, जिस कारण कई घंटे यातायात बंद रहा था। हालांकि देर शाम को हाईवे तो खोले दिया गया, लेकिन बड़े वाहनों के लिए रास्ता नहीं बन पाया था, जिस कारण छोटे वाहनों ही निकला जा रहा था।
पुलिस-प्रशासन की टीमें देर रात से ही हाईवे को खोलने का प्रयास थी, लेकिन सोमवार सुबह को फिर से भारी बोल्डर यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर आ गिरे, जिससे हाईवे पर फिर पूरी तरह से बंद हो गया। फिलहाल मार्ग खोलने का काम जारी है लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन से राहत कार्य प्रभावित हो रहा है।
बता दें कि पुलिस-प्रशासन की तरफ लगातार लोगों से अपील की जा रही है कि वो मौसम देखकर ही पहाड़ों पर सफर करें। बारिश में जितना हो सकें सफर करने से बचे। उत्तरकाशी के अलावा रुद्रप्रयाग में भी नदियों का जल स्तर लगातार बढता जा है।