आठवें दिन भी सड़क के लिए फावड़ा चलाते रहे ग्रामीण

उक्रांद युवा अध्यक्ष आशीष नेगी ने भी किया श्रमदान
चौंडा सिरांई में 1.75 किलोमीटर सड़क के लिए ग्रामीणों की जद्दोजहद जारी
सात दिन बाद भी मौके पर नहीं पहुंचा शासन-प्रशासन का कोई प्रतिनिधि

रुद्रप्रयाग। पहाड़ में विकास के दावों के बीच ग्राम पंचायत चौंडा सिरांई के पालीगाड़-मुरचौंडा गांव की तस्वीर व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। गांव तक सड़क पहुंचाने की मांग को लेकर ग्रामीण लगातार सातवें दिन भी कुदाल और फावड़े लेकर श्रमदान में जुटे रहे। करीब 1.75 किलोमीटर सड़क मार्ग तैयार करने के लिए ग्रामीण स्वयं पसीना बहा रहे हैं। समाजसेवी जसोधर सेमवाल के नेतृत्व में जारी इस मुहिम को समर्थन देने उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) युवा के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी भी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ फावड़ा चलाकर श्रमदान किया और दूरस्थ गांवों की बुनियादी समस्याओं को लेकर व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सड़क किसी भी गांव के लिए महज आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंचने की अहम कड़ी है। इसके बावजूद चौंडा सिरांई के पालीगाड़-मुरचौंडा गांव के ग्रामीणों को सड़क की राह आसान बनाने के लिए खुद मैदान में उतरना पड़ रहा है। लगातार सात दिनों से जारी श्रमदान ग्रामीणों के सामूहिक संकल्प और एकजुटता की मिसाल पेश कर रहा है। वहीं, सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए ग्रामीणों को स्वयं कुदाल और फावड़े उठाने की नौबत सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को भी उजागर कर रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक, श्रमदान शुरू होने के सातवें दिन तक भी शासन-प्रशासन का कोई प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। ऐसे में ग्रामीणों की मेहनत के बीच संबंधित विभागों की भूमिका और सड़क निर्माण के लिए आवश्यक सहयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों के संघर्ष को समर्थन देने पहुंचे उक्रांद युवा के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने कार्यकर्ताओं के साथ श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ के दूरस्थ गांव आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए खुद कुदाल और फावड़े उठाने पड़ रहे हैं, जो व्यवस्था की कार्यशैली पर विचार करने का विषय है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल जनता के बुनियादी सवालों पर ग्रामीणों के साथ खड़ा रहेगा और पहाड़ के लोगों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगा।
चौंडा सिरांई के ग्रामीणों का लगातार सात दिनों तक श्रमदान करना सड़क की जरूरत और इसके लिए उनके संघर्ष की गंभीरता को दर्शाता है। ग्रामीण अपने श्रम के बूते रास्ता तैयार करने में जुटे हैं, लेकिन अब तक प्रशासनिक प्रतिनिधि के मौके पर नहीं पहुंचने की बात ने जवाबदेही का सवाल खड़ा कर दिया है।
ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि संबंधित विभाग और प्रशासन उनकी समस्या का संज्ञान लेकर सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल करेंगे। सवाल यह है कि पहाड़ में गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने के दावों के बीच चौंडा सिरांई के लोगों को अपनी इस बुनियादी जरूरत के लिए आखिर कब तक खुद ही संघर्ष करना पड़ेगा। श्रमदान में उक्रांद युवा के केंद्रीय महामंत्री अर्जुन कंडारी, जिलाध्यक्ष रवि राणा, जिला संरक्षक सूरत सिंह झिंकवान, जिला महामंत्री एवं प्रवक्ता अजीत भंडारी, जखोली ब्लॉक अध्यक्ष राय सिंह पंवार, युवा उक्रांद रुद्रप्रयाग के कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र नेगी, जखोली ब्लॉक महामंत्री मानवेंद्र सिंह रावत और संजय पंवार सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

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