आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री ने ली विभाग की समीक्षा बैठक
देहरादून। प्रदेश के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक की। मंत्री ने आयुष विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि आज विभागीय अधिकारियों से विभाग में लम्बित प्रकरणों पर बिन्दुवार चर्चा की गई है, जिसमें डीएपीसी सम्बन्धी लाभ, एसीपी का लाभ, एसीआर सम्बन्धी मामले, वर्ष 2024 बैच के चिकित्साधिकारियों का स्थायीकरण, संविदा चिकित्सक सामुदायिक स्वास्थ्य के मानदेय पुनरीक्षण, आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाओं में फार्मेसी अधिकारियों के पदो के सृजन, फार्मेसी अधिकारियों से मुख्य व प्रभारी फार्मेसी अधिकारी के पदों पर पदोन्नति के सम्बन्ध में, विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए उचित दिशा निर्देश दिये।
आयुष मंत्री ने डीएपीसी तथा एसीपी के लाभ के सम्बन्ध में अधिकारियों से त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में विभाग तत्परता दिखायें जिससे सम्बन्धित को उसका लाभ उचित समय पर प्राप्त हो सके। उन्होंने वर्ष 2015 एवं 2024 में नियुक्त चिकित्साधिकारियों की एसीआर को भी यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये।
मंत्री ने वर्ष 2024 बैच के चिकित्साधिकारियों के स्थायीकरण के प्रकरण का भी जल्द से जल्द समाधान निकालने हेतु भी अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने संविदा चिकित्सक सामुदायिक स्वास्थ्य के मानदेय पुनरीक्षण पर जानकारी प्राप्त की जिस पर विभागीय अधिकारियों द्वारा बताया गया कि उक्त के सम्बन्ध में व्यय भार सम्बन्धी प्रस्ताव शासन को प्रेषित कर शासन स्तर पर कार्यवाही गतिमान है। मंत्री ने आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाओं में फार्मेसी अधिकारियों के पदों के सृजन के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की जिस पद अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त के सम्बन्ध में शासन स्तर पर कार्यवाही गतिमान है। उन्होंने फार्मेसी अधिकारियों से मुख्य व प्रभारी फार्मेसी अधिकारियों के पदों पर पदोन्नत होने वाली कार्यवाही के निराकरण को जल्द से जल्द पूर्ण करते हुए पदोन्नति प्रदान करने के भी निर्देश दिये।
मंत्री ने आगामी विधान सभा में आयुष विभाग को प्राप्त प्रश्नों पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को विस्तृत तैयारी के साथ विभाग से संबंधित प्रश्नों के उत्तर तैयार करने के निर्देश दिये। मंत्री ने पंचायती राज विभाग तथा आपदा प्रबन्धन विभाग की भी समीक्षा की। उन्होंने आपदा के दौरान प्रदेश भर के पंचायतों में हुए नुकसान जैसे पंचायत घरों तथा ग्रामीण सड़कों को हुए नुकसान का आंकलन करते हुए संबंधित जिलाधिकारियों से वार्ता कर तत्काल मुआवजा प्रदान करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द पंचायत संबंधी नियमावली तैयार करने हेतु भी निर्देशित किया।
बैठक में आयुष विभाग से सचिव रंजना राजगुरू, सचिव पंचायत नितेश झा, सचिव आपदा विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव विनीत कुमार, निदेशक आपदा निधि यादव, निदेशक आयुष डॉ0 आरपी सिंह, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।