9 हजार यात्रियों को कराया सुरक्षित पार
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में दिनभर डटी रही टीम
उप निरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के समीप स्थित स्लाइडिंग जोन में एसडीआरएफ के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए करीब 9 हजार यात्रियों को सुरक्षित रूप से प्रभावित क्षेत्र के आर-पार कराया। संवेदनशील क्षेत्र में लगातार यात्रियों की आवाजाही के बीच एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली और यात्रियों को सावधानीपूर्वक स्लाइडिंग जोन पार कराया।
सोनप्रयाग स्थित एसडीआरएफ पोस्ट से उप निरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में दल चीरबासा पहुंचा। यहां भूस्खलन प्रभावित हिस्से में जवानों ने मोर्चा संभालते हुए यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित किया। पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने की आशंका के बीच जवान लगातार सतर्क रहे और यात्रियों को सुरक्षित तरीके से संवेदनशील हिस्से से निकालते रहे।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है। मौसम में बदलाव और पहाड़ी से मलबा आने के कारण इस हिस्से में यात्रियों की आवाजाही चुनौतीपूर्ण रहती है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम की ओर रवाना हुए और वापस लौटे। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एसडीआरएफ ने प्रभावित क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती।
दल के जवानों ने यात्रियों को समूहों में और नियंत्रित तरीके से स्लाइडिंग जोन पार कराया। इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए जवानों ने मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और जोखिम भरे मार्ग के बावजूद एसडीआरएफ कर्मियों ने पूरी तत्परता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई।
उल्लेखनीय है कि चीरबासा स्लाइडिंग जोन में इससे पहले भी मार्ग प्रभावित होने के दौरान एसडीआरएफ की टीम लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटती रही है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जवानों ने कई मौकों पर प्रभावित क्षेत्र में मोर्चा संभाला है। मंगलवार को भी करीब नौ हजार यात्रियों को सुरक्षित पार कराने में एसडीआरएफ की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
केदारनाथ यात्रा मार्ग की विषम परिस्थितियों के बीच एसडीआरएफ की यह मुस्तैदी यात्रियों के लिए सुरक्षा कवच बनी हुई है। संवेदनशील हिस्सों में जवानों की तैनाती से यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिल रही है।